
शशि गुप्ता आपकी आवाज पुसौर
पुसौर तहसील के उपार्जन केंद्र बुनगा में धान खरीदी के दौरान सामने आई गंभीर अनियमितताओं के बावजूद अब तक दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रकरण दर्ज हुए एक महीना बीत चुका है, लेकिन निलंबन, एफआईआर या विभागीय कार्रवाई जैसी कोई पहल नजर नहीं आई है।
धान खरीदी नीति 2025-26 के उल्लंघन को लेकर गठित संयुक्त जांच दल ने मौके पर भौतिक सत्यापन किया था। जांच में सामने आया कि निर्धारित 40 किलो 600 ग्राम के मानक के बजाय बोरियों का औसत वजन 40 किलो 820 से 915 ग्राम तक पाया गया।
इसके अलावा 116 बोरा धान अतिरिक्त, सरना और मोटा धान की अदला-बदली, पुराने बारदाने का उपयोग और खाली बारदाने के स्टॉक में भी अंतर मिला।
ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार जहां 2205 क्विंटल सरना धान होना चाहिए था, वहीं मौके पर 2580 क्विंटल पाया गया। इसके उलट मोटा धान कम मिला। इससे स्पष्ट हुआ कि मोटा धान दर्शाकर सरना धान की खरीदी की जा रही थी। जांच के दौरान ऑपरेटर अभिलाष गुप्ता और बारदाना प्रभारी श्याम सुंदर साव उपस्थित थे।
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने उस समय सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन कार्रवाई के अभाव में किसानों का प्रशासन से भरोसा डगमगाने लगा है।




